Love story in hindi | बचपन का प्यार मिला कैसे


बचपन का प्यार

Love story in hindi |Best love story hindi

गांव में सारा दिन खेलते रहना। 12 साल की उम्र कोई टेंशन नहीं कोई काम का चक्कर नहीं बस हाथ में खेलने का सामान पांच दोस्त। उन दिनों की बात है जब हम सारे दोस्त सारा दिन खेलते रहते थे। कभी छुपन छुपाई कभी क्रिकेट और कभी तो खेतों में जाकर आराम से सो जाना। तुम मेरे साथ एक लड़की भी खेला करती थी। मुझे उसके साथ खेलना बहुत पसंद था। वह मुझे प्यार से टैटू बुलाती थी और मैं उसे चिल्ली बुलाता था। बड़ा अच्छा टाइम चल रहा था। फिर एक दिन उसके मां-बाप उसे लेकर कनाडा चले गए।

17 साल बाद (love story hindi)

17 साल बीत गए मैंने उससे अब तक देखा नहीं था कि वह कैसी दिखती है। फिर कुछ दिनों बाद मैं अपनी मां को अस्पताल ले गया था। उनको थोड़ा पेट में दर्द हो रहा था। जैसे ही मैं उनको  चेक करवा कर वा के बाहर निकला तो एक गाड़ी आई। गाड़ी में से एक लड़की निकली और मुझे देखने लग गई और देखते देखते हो अस्पताल के अंदर चली गई। फिर मैं भी अपनी मां को लेकर वापस कर चला गया। फिर अगले दिन मैं अपनी भाभी के साथ मंदिर गया। तो वह लड़की मंदिर में आज हुई थी। उसने मुझे देखा और मुझे हेलो बोला और मुझे कहा टैटू पहचाना मुझे। पहले तो मैं सोचने लग गया कि इसको यह नाम नाम कैसे पता लगा। तो मैंने उसे कहा मेरे नाम की टैटू नहीं है। तो उसने मुझे कहा तुम्हारा नाम टैटू है फिर मुझे याद आया उस लड़की के बारे में जो मेरे साथ बचपन में खेला करती थी तो मैंने उसे कहा तुम्हारा नाम चिल्ली है। तो उसने मुझे कहा आखिरकार तुमने मुझे पहचाना नहीं लिया तुम्हें याद है बचपन की बातें। तो मैंने उससे कहा मुझे सब याद है तुम तो चली गई मैं अकेला रह गया। तुम्हारे जाने के बाद मेरा खेलने का मन ही नहीं करता था।
Love story in hindi
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यह सुनकर वह हंसने लग गई और कहती अब में आ गई हूं ना तो अब खेला करेंगे तो मैंने उसे उसके घर का पता पूछा। उसने मुझे अपने घर का पता बताया और कहां की शाम को मुझे वहीं पर मिलना जहां पर हम पहले खेला करते थे। हमारे गांव में एक बहुत बड़ा पेड़ था हम वहीं पर खेला करते थे और शाम होते ही मैं वहां पर चला गया जहां पर हम खेला करते थे। वहां पर पहले से ही आई हुई थी। मैं उसके पास गया उससे बुलाया उसने मुझे देखकर कहां इधर आओ यहां बैठा हूं तो मैं जहां जरूर के साथ बैठ गया और हमने बहुत सारी बचपन की बातें कोई याद करा एक दूसरे से उसका हालचाल पूछा कि  हम दोनों के अलग होने के बाद हमने क्या-क्या करा। तो उसने मुझे सब कुछ बताया। क्या उसने कनाडा में जाकर क्या-क्या करा। ऐसे ही हम काफी देर तक बातें करते रहे फिर हम रोज मिलने लग गए। मैं उसे घुमाने के लिए अपना गांव ले जाया करता। वह भी खुशी-खुशी मेरे साथ चल लिया करती थी। क्योंकि उसे भी कनाडा से वापस आने के बाद गांव देखना था। ऐसे ही कुछ दिन बीत गए। फिर धीरे-धीरे मुझे उससे प्यार होने लग गया और मैं हर रोज उससे मिलने के बहाने उसे बुलाया करता और वह भी खुशी-खुशी आ जाया करती थी।
Love story in hindi
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करा Purpose (love story hindi)

फिर एक दिन मैं और मेरे दोस्त रात को पेग लगा रहे थे मेरे दोस्तों ने कहा अगर तू से प्यार करता है तो उसे बता दे दोस्तों के कहने पर मैं उसे प्रपोज करने के लिए एक rose लेकर रात को उसके घर पर चला गया और उसके घर के बाहर खड़ा होकर उसे फोन करा वह बाहर बालकनी में आ गई जब मैंने उसे  दूर से Rose दिखाया। पहले तो रोज देखने पर कोई जवाब नहीं दिया तुम मुझे लगा कहीं मेरी लव स्टोरी शुरू करने से पहले खत्म ना हो जाए मेरे दिल की धड़कन बहुत तेज तेज धड़कने लग गई। फिर वह भागकर अंदर वापस बालकनी में चली गई।
मुझे लगा बस अब और साथ नहीं है उसका। तो मैं उसके घर से चला गया। जाते जाते मुझे रास्ते में एक मेरा दोस्त मिला। वह मेरा दोस्त काफी पैसे वाला था और मैं थोड़ा गरीब। तब मैं अपने दोस्त के साथ रुक कर थोड़ी बातें करने लग गया तो उसने मुझे बताया कि उसकी शादी तय हो गई है। तो मैंने उसे बधाइयां दी और उसे कहा हमारी भाभी की फोटो नहीं दिखाएगा। तब उसने फोन में से फोटो निकाली और मुझे दिखाइए फोटो देखकर मैं तो हैरान हो गया क्योंकि फोटो चिल्ली की थी उसी वक्त मेरी आंखों से आंसू आने लग गए और मैं भाग कर घर चला गया। मैंने चिल्ली से बात करना बंद कर दिया क्योंकि मुझे पता था कि जो सुख सुविधा मेरा दोस्त राहुल उसे दे सकता है मैं नहीं रह सकता। सर मेरी मां ने मेरे लिए एक लड़की देख रखी थी तो मैंने अपनी मां से कहा कि मैं शादी करवाने के लिए तैयार हूं आप जिससे कहेंगे में से शादी करवा लूंगा। शादी के लिए मैंने हां कर दिया था तो मेरे घर वालों ने तैयारियां शुरू कर दी। रोके वाले दिन चिल्ली हमारे घर पर आ गए जहां पर रोका हो रहा था वह मेरे पास हाई और मुझसे बोली तुम तो मुझसे प्यार करते हो फिर भी तुम किसी और से शादी कर रहे हो तो मैंने उसे कहां कि वो सब एक भूल थी मैं तुमसे प्यार!
मैं चुप हो गया मैंने कुछ नहीं बोला।
उसने मुझे बोला बचपन में जो तुम मेरे साथ बड़ा खेला करते थे मुझे तुमसे बचपन में ही प्यार हो गया था।तुम्हारे लिए तुम्हें कहना कैसे वापस आई हूं
जब मैंने क्या सुनाओ तो मैंने उससे पूछा अगर तुम मुझसे प्यार करती थी तो उस दिन बिना कुछ बोले बालकनी से अंदर के चली गई और तुम्हारा तो रिश्ता पीता है हो गया है तुमने मुझे बताया भी नहीं अगर तुम मुझसे प्यार करती
हो तो तुम रिश्ते के लिए मना नहीं कर देती।

उसने बोला मैंने रिश्ते के लिए हा नहीं करी मैंने तो कब का मना भी कर दिया और उस दिन मुझे शर्म आ गई थी इसलिए मैं वापस चली गई और तुम सोच कर बैठ कर मैं तुम्हें प्यार नहीं करती।

एक बार मुझसे बात तो कर लेते। तब मैंने कहा अब कुछ नहीं हो सकता। मेरी शादी होने वाली है शायद हमारी love story यहीं तक थी। फिर चिली ने जाकर मेरी होने वाली बीवी से बात करें मैं भी उसके साथ गया और उसने कहा कि मैं तुमसे प्यार नहीं करता प्लीज तुम शादी के लिए मना कर दो। पहले तो मानी नहीं फिर चिल्ली के बहुत बार समझाने पर वह मांगे उसने शादी के लिए मना कर दिया।
फिर चिल्ली और टैटू ने शादी कर ली और खुशी-खुशी अपना जीवन व्यतीत कर रहे हैं।

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