दो डर की सच्ची कहानी | Real horror stories in hindi

दो डर की सच्ची कहानी

Real horror story in hindi

  • 1  रात का अंधेरा 
मेरा नाम नरेश गौतम है और मैं आपको अपनी एक सच्ची घटना सुनाना चाहता हूं। गर्मियों का टाइम था। 1 महीने की लिए स्कूल की छुट्टी हो गई थी और छुट्टियों में मैं मामा के घर रहता था इस साल की है छुट्टियों में मामा के घर रहने आ गया था। मैं मामा के घर मौज मस्ती किया करता था और रात में मामू के घर के पास फोन लेकर शहर किया करता था और दोस्तों साथ चैटिंग किया करता था।
दो डर की सच्ची कहानी | Real horror stories in hindi
Real horror story

 एक दिन ऐसे ही देर रात तक मैं फोन लेकर मामा के घर के बाहर चैटिंग कर रहा था। तब मुझे एक थोड़ी दूरी पर एक आदमी खड़ा हुआ मिला। मैं फोन पर चैटिंग करते  हुए। उस आदमी की तरफ बढ़ने लगा जैसे-जैसे मैं उसके पास जा रहा था मुझे थोड़ी थोड़ी ठंड लगने शुरू हो गई थी और फिर मैंने देखा कि वह आदमी भी तरफ बढ़ रहा है जैसे-जैसे को आदमी मेरे पास आ रहा था ठंड और बढ़ती जा रही थी। फिर मैं डर के मारे पास है बागा तो एकदम वह आदमी मेरे सामने आ गया और उसने मेरा गला पकड़ लिया उसने मुझे पूरा दबोच लिया था। फिर थोड़ी देर बाद एक सफेद कलर का कपड़ा शरीर पर लिए बहुत सी औरतें मेरे पास आई औरतें देखने में तुम बहुत सुंदर थी। जब मेरी नजर उनके पांव की तरफ पड़ी तो उनके पांव उल्टे थे मैं समझ गया था कि मैं आत्माओं की चपेट में आ गया हूं मेरी जान को खतरा है इतने में मैं बेहोश होने वाला था।
हनुमान चालीसा की ताकत ( real horror story)
 फिर मैंने आंखें बंद कर कर जोर जोर से हनुमान चालीसा पढ़ना शुरू कर दिया।हनुमान चालीसा की पांच लाइन  ही थी। कि मुझे महसूस हुआ कि ठंड हो गई है फिर मैंने अपनी आंखें खोल कर देखा तो मैं वहां पर अकेला था और थोड़ी दूरी पर वही आदमी और बहुत सी औरतें थी मैं डरा हुआ था तुम मैंने जोर जोर से हनुमान चालीसा पढ़ते हुए अपने के घर की तरफ भागा और किसी ना किसी तरह घर पर पहुंच गया। मामा के घर पहुंचते ही मैं बेहोश हो गया और मुझे पता है नहीं था कि मेरे साथ क्या होने वाला है फिर जब मेरी आंख खुली तो सुबह हो चुकी थी।

 मैं बिस्तर पर लेटा हुआ था और डॉक्टर मेरे साथ बैठा हुआ था और उसने मुझे ग्लूकोस को चढ़ा रखा था कुछ दिनों में मैं ठीक हो गया फिर मैंने सारी बात अपनी मां को बताई मेरी मां और बाकी लोगों ने मेरी बात पर विश्वास नहीं करा उन्होंने कहा कि काफी गर्मी की वजह से तुम्हें चक्कर आ गए थे और तुम बेहोश होकर वहीं गिर गए थे।

दूसरी सच्ची भूत की कहानी (Real horror story in hindi)

2.   रिक्शेवाले की बची जान 

मेरा नाम मोहन है और मैं रिक्शा चलाता हूं आज जो मैं आपको एक कहानी बताने जा रहा हूं। यह बात 10 साल पुरानी है। 1 दिन में रात के समय अपने कस्टमर को उसकी जगह पर छोड़ने गया था तो वहां पर काफी सारी भीड़ लगी हुई थी मैं उस भीड़ के पास गया वहां पर एक व्यक्ति से पूछा कि इतनी भीड़ क्यों लगी हुई है जब उसने मुझे बताया कि यहां पर एक औरत के अंदर भूत घुस गया है तो हमने बहुत बड़े तांत्रिक को बुलाया है वही तांत्रिक इस औरत का भूत निकाल रहे हैं तो मैंने हंसते हुए का कि भूत भूत कुछ नहीं होता सब दिल का वहम है तुम जैसे कुछ लोग ढोंगी बाबा को सर पर चढ़ाते हो जाकर किसी डॉक्टर को दिखाओ और मैं वहां से हंसते-हंसते निकल गया। 
दो डर की सच्ची कहानी | Real horror stories in hindi
Real horror stories

कुछ दूर चलते ही मेरी रिक्शा चलना बंद हो गई मैंने बड़ी कोशिश करें पर मेरे रिक्शा चल नहीं रही थी फिर मैं रिक्शा से उतर गया और पीछे जाकर देखा मेरे पसीने छूट गए मेरी रिक्शा को एक काले शाह ने पकड़ रखा था जैसे ही मैं पीछे गया उसने मेरा गला पकड़ लिया और जोर से दबा दिया मैं बहुत डर गया था।
 मैंने जोर जोर से आवाज मारना शुरू कर दिया। फिर मेरी सांस रुक गई थी उसी वक्त उसे साया ने बहुत ही तेज चीख मारी और वहां से उड़ कर चली गई जब मेरी आंखें खुली तो मेरे साथ वही बाबा खड़े थे और बड़ी तेज तेज मंत्र बोल रहे थे और मेरे चारों तरफ कुछ फेंक रहे थे तब मैंने बाबा के चरणों को पकड़ लिया और उनसे कहा मुझे बचा लीजिए बाबा ने मेरे मदद करी और मैं वहां से फटाफट अपने घर चला गया।
तब से मुझे भूतों पर विश्वास है मैं अब कभी भी किसी बाबा यहां तांत्रिका मजाक नहीं उड़ाता।

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 धन्यवाद


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