Kid story hindi | पानीपूरी वाले कि कहानी story in hindi with moral

This is the best kid story hindi. The best kids story in hindi. Baccho ki kahani

Kid story hindi | पानीपूरी वाले कि कहानी story in hindi with moral
Kid story hindi

Kid story hindi (baccho ki kahaniya)

 दोस्तों  आज मैं आपको एक मजेदार कहानी सुनाने जा रहा हूं ।
आशा करता हूं आपको यह कहानी पसंद आएगी। kid story hindi

 पानीपूरी वाले की कहानी (kid story hindi)


बहुत समय पहले एक गांव में भावना और आदित्य एक पति पत्नी रहते थे। उसकी एक छोटी सी बेटी थी। वह एक छोटे से में रहते थे। आदित्य एक नेक इंसान था। 

और जितना उसके पास था वह उसी में खुश रहने वाला था और पानिपूरी  बेच के अपने घर का खर्चा चलाता था। मैं सुबह-सुबह पानी पूरी बनाकर गांव में बेचने जाता था।

"आइए आइए स्वादिष्ट पानीपूरी एक बार खाने का नहीं बार-बार खाने का मन करेगा है"

पानी पूरी की स्वादिष्ट गांव वाले उसकी सारी पानीपूरी खा लेते थे और हर बार की तरह मैं रात को पानीपूरी के घर आते वक्त उसे रास्ते में कुछ लोग भागते हुए दिखाई देते हैं। और वह लोग गायब भी हो जाते हैं। 
आदित्य सोचता है कहां गए वो लोग। फिर आदित्य आसपास देखता है तो उसे एक सूटकेस दिखाई देता है।
 आदित्य सोचते हैं कि मैं इसे अपने साथ नहीं जाता हूं सुबह जमीदार को दे दूंगा वह सूटकेस को उसके सही मालिक तक पहुंचा देगा।

यह सोचकर आदित्य सूटकेस घर ले आता है जब उसकी बीवी देखते हैं तो उससे पूछती है कि इस सूट केस में क्या है तब आदित्य बोलता है पता नहीं मुझे तो कहीं बाहर गिरा पड़ा मिला।
तो अथित्य की पत्नी उसे कहती है कि तुम मुझे दो। मैं खोल के देखती हूं इसमें क्या है। उसकी पत्नी सूटकेस को खुलती है तो उसमें बहुत सारे हीरे मोती सोने गहने निकलते हैं। 

इतना सारा सोना देख कर आदित्य की पत्नी उसे बोलती है देखा आपने कितना सारा सोना और गहने है अब हमें बिल्कुल भी मेहनत करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

बच्चो की कहानियां(kid story hindi)

तो आदित्य बोलता है। भावना यह सूटकेस हमारा नहीं है। यह मुझे गिरा हुआ मिला मैं कल सुबह सूटकेस को जमीदार के हवाले कर दूंगा तब आदित्य की पत्नी बोलती है।
मैं यह स्वीकार नहीं करूंगी यह सूटकेस मारे पास ही रहेगा। देखिए ना आपको कभी भी मेहनत करने की जरूरत नहीं पड़ेगी हम खुशी-खुशी रहेंगे।

सोने का लालच ( kid story hindi)

तब आदित्य सोचता है की सूटकेस मुझे गिरा हुआ मिला। मैं किसी ओर के पैसों का इस्तेमाल नहीं करूंगा। लेकिन मेरी पत्नी तो कर सकती है इससे गिरा हुआ थोड़ी मिला है। यह सोचकर आदित्य अपने पतियों कहता है। मैं तो अपने पानी पुरी कहां काम ही करूंगा तुम्हें जो सही लगे करो तब आदित्य की पत्नी मिले हुए सोने हीरो को बेचकर एक बड़ा सा घर ले लेती है और आदित्य भाई पानीपुरी का काम ही करता है।

जमीदार तक पहुंची बात (kid story hindi)

फिर कुछ दिन बाद एक औरत जमीदार के पास जाती है और जमीदार को कहती है। प्रभु मेरा किसी ने सोने से भरा बैग चोरी कर लिया है। तो जमीदार उसे कहता है तुम मुझ पर विश्वास रखो जिसने भी चोरी करी है।
Kid story hindi | पानीपूरी वाले कि कहानी story in hindi with moral
Kid story hindi
 
मैं उसको पकड़ लूंगा। यह कहते हैं। वह औरत जमीदार के आगे हाथ जोड़कर वहां से चली जाती है। जब आदित्य और उसकी पत्नी बड़े घर में रहने के लिए आ जाते हैं। तब गांव वालों को शक होने लगता है। 
गांव वाले उनके बारे में कुछ न कुछ बातें करते रहते हैं। यह बात जमीदार तक पहुंचती है कि एक पानी पूरी बेचने वाला इतना बड़ा घर कैसे खरीद पाया।
पता नहीं प्रभु पता नहीं गांव में साए आश्चर्यचकित होकर इसी के बारे में बात कर रहे हैं। ठीक है उन दोनों को इधर लेकर आओ जमींदार के कहने पर सेवक उन दोनों को जमीदार के पास ले जाता है।

 जमीदार को पता चली सच्चाई(kid story in hindi)

जमीदार के पास जाने के बाद जमीदार आदित्य से पूूछता है।आदित्य मुझे तुम्हारे व्यापार के बारे में पता है उस तुमसे कुछ पूछना है तो अधिक से बोलता है पूछिए प्रभु जमीदार उसे कहता है कि तुम इतने कम समय में इतना बड़ा कर कैसे खरीद पाए हो।
आदित्य के बोलने से पहले ही उसकी पत्नी जमीदार को बोलती है प्रभु ज्ञान मेरी पति की मेहनत की कमाई है हमने पैसों को जोड़ जोड़ कर घर खरीदा है आदित्य की पत्नी इतनी हिम्मत से बोलती है कि किसी को शक ना हो।

मांगी माफी (kid story)

जमीदार आदित्य से कहता है कि कुछ दिन पहले हम मेरे पास एक औरत आई थी। जिसका सोने से भरा बैग चोरी हो गया था। अब तुम सच सच बताओ तुमने इतना बड़ा घर कैसे लिया।
 तो आदित्य सोचता है कि अगर मैं और कुछ बोलूंगा तो बात आगे पड़ जाएगी।
 मैं इनको सब सच सच बता देता हूं और आदित्य सच बोलने का फैसला लेता है।
प्रभु मुझे माफ कर दीजिए। कुछ दिन पहले मुझे सोने हीरो से भरा सूटकेस मिला था।
वह जिम्मेदार को सब कुछ बता देता है और सोने से भरा सूटकेस वापस जमीदार को दे देता है।
जमीदार आदित्य से कहता है अच्छा हुआ तुमने सच बोला तुम्हारे सच बोलने के कारण मैं तुम्हारी पहली गलती माफ करता हूं।
 ध्यान रखना आगे से ऐसी कोई गलती ना हो। यह कहती ही आदित्य जमीदार के पांव छूता है और वहां से चला जाता है।
आदित्य अपना पानीपुरी का बिजनेस करता है और उसी कमाए हुए पैसे से अपना चलाता है।

Moral of the kid story hindi

 हमें गलती नहीं करनी चाहिए। अगर कोई गलती करता है तो उसे गलती करने से रोकना चाहिए।


 दोस्तों कैसी लगी आपको यह kid story hindi अगर अच्छी लगे तो नीचे कमेंट करके जरूर बताएं।

 यह कहानियां भी जरूर पढ़ें

टिप्पणी पोस्ट करें

0 टिप्पणियां