चालाक बकरी | kid story in hindi storiesfam


                        चालाक बकरी

अहमदपुर गांव में एक किसान के घर में नीलू नाम की एक बकरी रहती थी। उसके तीन बच्चे थे। वह अपने बच्चों को लेकर हमेशा टेंशन में रहती थी। क्योंकि गांव के किनारे ही एक जंगल था। बकरी को डर रहता था। कि पता नहीं बच्चे खेलते हुए जंगल की तरफ निकल जाए और जंगली जानवर का ना शिकार हो जाए।
चालाक बकरी kid story
Kids story in hindi

इस बात पर चिंतित बकरी हमेशा अपने बच्चे को guide  करती रही थी। कि कभी भी उस जंगल की तरफ मत जाना। बकरी के बच्चा किसान को चारे वाले के साथ बात करते हुए सुना की जंगल मे हरा चारा है। बच्चे को वह हरा चारा देखने की उत्सुकता होती है और वह जंगल की तरफ चला जाता है। यह सुनकर बकरी टेंशन में आ जाती है और बकरी अपने बच्चे को ढूंढने के लिए जंगल की ओर निकल जाती है। जंगल में बकरी के बच्चे को चार लोमड़ी ने घेर रखा था।
 तभी ही बकरी वहां पर पहुंची बकरी ने जब देखा कि उसके बच्चों को लोमड़ी ने घेर रखा है। तो बकरी ने उनसे कहा तुम मुझे खाओगे तो शेरराज तुम्हें छोड़ेगा नहीं। बकरी ने कहां मुझे शेरराज ने कहां है तुम यहां से मत हिलना। लोमड़ी ने कहा शेर कैसे पता लगेगा कि हमने तुम्हें खाया है।

बकरी ने कहा:- शेर ने हम पे नज़र रखने के लिये हाथी को कहा रखा है।
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तभी हाथी ज़ोर से आवाज निकालता है और लोमड़ी डर जाती हैं और आपस में बातचीत करती हैं कि मैं हमे यहा से चलना चाहिए यह शेर का शिकार है। लोमड़ी वहां से निकल जाती है। तभी बकरी के उसका बच्चा गांव की तरफ भागते हैं। रास्ते में उन्हें शेर मिल जाता है। शेर ने रोक लेता है। बकरी कहती है हमें शेरनी नहीं यहा पर रुकने के लिए कहा है। हम शेरनी का शिकार है। शेरनी का नाम सुनकर शेर थोड़ा डर जाता है और बकरी को कहता है । अगर तुम भाग गई तो। तो बकरी कहती है। शेरनी ने हम पर नजर रखने के लिए चिड़िया को छोड़ रखा है। यह सुनकर शेर भी वहां से चला जाता है और बकरी थोड़ी और आगे बढ़ जाती है। रास्ते में उसे सच में शेरनी मिल जाती है। शेरनी बकरी और बच्चे को देखकर कहती है। आज तो दो-दो शिकार करूंगी। तो बकरी शेरनी से कहती है। आज शेर राज आपको surprise देना चाहते हैं।

आपका गुफा में इंतजार कर रहे हैं। आज वह हमें आपके भोजन के लिए ले जा रहे हैं। यह सुनकर शेरनी भी खुश हो जाती है। शेरनी कहती है चलो ठीक है अगर तुम यहां से भाग गई तो। तो बकरी कहती है अगर भागना ही होता तो पहले ही भाग जाती। तब बकरी कहती है कि हम पर नजर रखने के लिए शेर ने खरगोश को छोड़ रखा है। यह खरगोश हमारे पीछे पीछे आता है और शेर को हमारी सारी रिपोर्ट दे देता है। यह सुनकर शेरनी वहां से चली जाती है। बकरी बड़ी तेजी से भागती है। गांव की तरफ और किसी तरह गांव में पहुंच जाती है। बकरी के बाकी बच्चे भी गांव में होते हैं। यह देखकर बकरी बहुत खुश हो जाती है और गांव में अपने बच्चों साथ खेलती है।
यह देख चालाक बकरी की कहानी
 
Moral: हमें हमेशा अपने बल से ही नहीं काम लेना चाहिए कभी-कभी हमें अपने दिमाग का भी इस्तेमाल करना चाहिए क्योंकि बल से ज्यादा ताकत देखना में होती है बकरी ने अपने दिमाग का इस्तेमाल करो और घने जंगल से भागकर गांव में आ गई और अपने बच्चे को अभी बचा लिया।

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